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बिफरे MLA प्रीतम राम बोले – ”पुलिस कलेक्टर जाथें..मोला नई ले जाथें..अउ जाए भी नई देंथे..रेंग देहूं अकेले..”

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सरहद पर बसे गाँव चुनचुना पुंदाग में जाने से क्यो रोकता है प्रशासन

अंबिकापुर 6 दिसंबर। ”सरकार तो कहत रहथे कि नक्सल मुक्त हो गिस सरगुजा, त मोला बॉर्डर गाँव चुनचुना पुंदाग काहे नई जाए देंथे एमन..जब कहथों जाहूं तो कहें लगथें… ख़तरा है, नक्सली ख़तरा है..अउ खुद जाथें पुलिस मन मैं कहथों मोला ले चला..तबो ले नई ले जाऐं..अब रेंग देहूं सोझ..बहुत होईस..”

ये नाराज़गी भरे सख़्त बोल हैं, सामरी विधायक डॉ प्रीतम राम के। और ये नाराज़गी इसलिए चरम पर है क्योंकि झारखंड और छत्तीसगढ को बाँटने वाले गाँव चुनचुना पुनदाग में प्रशासन नक्सल ख़तरा बताकर उन्हें जाने नहीं देती और प्रशासनिक अमला जब खुद जाता है तो भी कई आग्रहों के बाद साथ लेकर नहीं जाता..
तो अभी अचानक ऐसा क्या हुआ कि..विधायक प्रीतम इस क़दर नाराज हुए है कि..खुद ही अकेले जाने की बात कह रहे हैं..
हुआ यह कि, हालात से नाराज ग्रामीण पैदल ही पहाड़ी रास्ता तय करते २८ किलोमीटर दूर सामरी पहुँचे, वहाँ उन्हे तेंदूपत्ता बोनस तिहार में भीड बढ़ाने में जुटी बस मिली जिस पर बैठ वे शंकरगढ तक आ गए ।ये ग्रामीण जा टकराए विधायक डॉ प्रीतम से, डॉ प्रीतम ने रात रुकने से लेकर उनके खाने की व्यवस्था कराई..चर्चा में ग्रामीणों ने उन्हे बताया

“उनकी स्थिति बुरी है, झारखंड बिलकुल लगा हुआ है, जबकि छत्तीसगढ का निवासी होने के बावजुद उन्हे प्रशासन का कोई सहयोग नहीं मिलता, उन्हे नमक तक चाहिए तो झारखंड ही नज़दीक है, पर फ़िलहाल सीआरपीएफ और पुलिस उन्हे रोज़ाना पीट रही है,वे लाख कहें कि निर्दोष है पर सुनते नहीं”

जिसके बाद विधायक प्रीतम राम ने कहा कि आयोजनों में भीड़ जुटाने के लिए ग्रामीणों को बुलाया जाता है.. पर उनका ख्याल नहीं रखा जाता।  यदि बतौर विधायक वे खुद जाना चाहे तो उन्हे सुरक्षा कारणो का हवाला बता कर रोका जाता है..
नतीजतन नाराज विधायक ग्रामीणों को लेकर कलेक्ट्रेट बलरामपुर जा पहुँचे..जहाँ ग्रामीणों ने अपनी बात जिला प्रशासन से कही.. डीएम अवनीश ने उनसे बात की..और आश्वस्त किया कि..उनकी हर समस्या का समाधान होगा..
बलरामपुर डीएम अवनीश ने NPG से कहा

“ग्रामीण परेशान तो हैं, हमने तय किया है कि, झारखंड पुलिस और वहाँ तैनात सीआरपीएफ से संवाद करेंगे, ताकि दुर्व्यवहार ना हो, उनकी एक समस्या राशन की भी थी, हम वो भी जल्द दूर कर रहे हैं”

इधर नाराज MLA डॉ प्रीतम राम ने NPG से कहा

“आप बाक़ी समय नक्सली ख़तरा बताएँ और सुरक्षा कारण का हवाला दें, मैं व्यवस्था में सहयोग के लिहाज़ से बात मान लेता हूँ, लेकिन यहाँ तो बात ही उलटी है,व्यवस्था और सुरक्षा हम नागरिकों को नही दे पा रहे, झारखंड में तैनात लोग पीट रहे हैं, हम अनाज तक नही पहुँचा पा रहे हैं, मैंने पहले भी आग्रह किया है कि, जब सुरक्षा बलों के साथ अधिकारी जाते हैं तो मुझे भी ले लें, पर वो भी नही करते, तो अब अकेले जाउंगा।सरकार तो दावा करती है, सरगुजा नक्सल मुक्त तो फिर यह आलम क्या है ?”

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