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शिक्षाकर्मी नेता वीरेंद्र दुबे बोले, संजय शर्मा अंगुली कटा कर शहीद होने की कोशिश कर रहे हैं, रात में जेल पहुंच स्ट्राइक कॉल ऑफ पर दस्तखत क्यों किए?

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रायपुर 6 दिसंबर 2017। हड़ताल के बाद शिक्षाकर्मी संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संचालकों में जिस तरह से सर फुटौव्वल शुरू हो गया है, वो बेहद ही हैरान करने वाला है। सबसे ज्यादा चौकाने वाला पहलू ये है कि शिक्षाकर्मी हड़ताल खत्म करने को लेकर जब एकमत थे, तो फिर आखिर हड़ताल खत्म करने के बाद सिर्फ मुख्यमंत्री से मुलाकात करने को लेकर उनमें मतभेद क्यों और कैसे हो गया। पिछले 24 घंटे से लगातार सोशल मीडिया पर संजय शर्मा ने वीरेंद्र दुबे के खिलाफ कैंपेन शुरु किया…तो आज देर शाम वीरेंद्र दुबे ने भी उसी अंदाज में संजय शर्मा को जवाब भी दिया। बढ़े विवादों के बीच नेताओं के बीच तल्ख बोल सामने आ रहे हैं।  वीरेंद्र दुबे ने कहा कि अंगुली कटाकर शहीद कहलाने का काम कर रहे हैं संजय शर्मा। चाहते हैं कि हड़ताल का सारा ठिकरा मेरे उपर फोड़ दिया जाये। वीरेंद्र दुबे ने खुली चुनौती दी है कि सबके सामने आकर बोले- कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने की जानकारी नहीं थी। जाने ना जाने का मुद्दा अलग है, लेकिन अब जब पूरा वक्त तय हो गया था तो फिर मेरे उपर ये ठिकरा क्यों फोड़ा जा रहा है।

दरअसल संजय शर्मा की नाराजगी के पीछे एक बड़ी वजह से संगठन में वर्चस्व की लड़ाई को भी माना जा रहा है। वीरेंद्र दुबे और संजय शर्मा का संगठन सामानांतर रूप से पूरे प्रदेश में हैं… लेकिन हुआ ये कि हड़ताल खत्म होने के बाद जिस तरह से वीरेंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, उससे कहीं ना कहीं बड़ा क्रेडिट वीरेंद्र दुबे के पास चला गया। मुख्यमंत्री से बातचीत हुई, आश्वासन मिला और मुख्यमंत्री के आदेश पर तुरंत अमल भी हुआ.. मुलाकात के दौरान ही कमेटी गठन के आर्डर जारी हो गये। जाहिर शिक्षाकर्मियों के बीच एक बड़ा क्रेडिट वीरेंद्र दुबे को मिल गया, जिससे दूसरा खेमा काफी ज्यादा बौखला गया। रायपुर के बड़े अफसर ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि शिक्षाकर्मियों के सभी प्रांतीय संचालक को इस बात की सूचना दी गयी थी.. कि मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का वक्त शाम को 6.30 बजे निर्धारित है, तो फिर बाद में सारे लोग मुकर कैसे गये।

एक-दूसरे पर ठिकरा फोड़ रहे हैं प्रांतीय संचालक 

दरअसल हड़ताल को एकाएक खत्म करने का फैसला सामूहिक था। सारे लोगों ने हस्ताक्षर किये…साथ प्रेस कांफ्रेंस भी की। लेकिन हड़ताल खत्म करने को लेकर एकाएक शिक्षाकर्मी का बड़ा खेमा नाराज हो गया.. जाहिर है नाराजगी सीधे तौर पर नेताओं को झेलने पड़ी, ऐसी स्थिति में अब प्रांतीय संचालक इस नाराजगी का ठिकरा वीरेंद्र दुबे के सर पर फोड़ रहे हैं।

वीरेंद्र दुबे ने भी किया है पलटवार

वीरेंद्र ने अपने वीडियो संदेश के जरिये संजय शर्मा पर जमकर निशाना साधा। वीरेंद्र दुबे ने कहा कि जब फैसला ले लिया गया था.. तो फिर इस तरह के आरोप- प्रत्यारोप पूरी तरह से गलत है।

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