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भारी पड़ा जिला पंचायत CEO का पत्र लिखना : सरकार का कड़ा रुख़, आदेश किया जारी!…. तत्काल हटाए जाएं विद्यादायी..कोई मानदेय नहीं

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अंबिकापुर 7 दिसंबर 2017। सरगुजा जिला पंचायत के प्रस्ताव और जिला पंचायत CEO के पत्र की खबर NPG में आते ही सरकार ने सख़्त प्रतिक्रिया दी है। संचालनालय संचालक तारण प्रकाश सिन्हा ने पत्र जारी कर सभी सीईओ जिला पंचायत और समस्त सीईओ जनपद पंचायत को निर्देशित किया है कि स्वैच्छिक रुप से कार्य कर रहे युवाओं को तत्काल पद से पृथक किया जाए..
दरअसल  NPG ने यह खबर दी थी कि जिला पंचायत सरगुजा ने प्रस्ताव पारित कर विद्यादायी को प्रमाण पत्र दिए जाने और प्रोत्साहन राशि/मानदेय प्रदान करने का प्रस्ताव पारित किया है,प्रस्ताव में यह भी उल्लेखित था कि दिए गए प्रमाणपत्र का भविष्य में नौकरी के अवसर पर उन्हे लाभ मिले..


पाँच दिसंबर को सरगुजा जिला पंचायत ने यह प्रस्ताव पारित किया, जबकि 6 दिसंबर को जिला पंचायत सीईओ अनुराग पांडेय ने सभी जनपद सीईओ को पत्र जारी कर निर्देशित कर दिया कि किसी भी विद्यादायी को पद से पृथक ना किया जाए..
NPG में उक्ताशय की खबर आते ही हंगामा बरप गया। पहला पत्र पंचायत संचालनालय से जारी हुआ जबकि दूसरा पत्र कलेक्टर किरण कौशल ने जारी किया..
डीएम किरण कौशल ने सीईओ को जारी पत्र में लिखा

“आपके द्वारा जारी पत्र के संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव आर पी मंडल से चर्चा की गई..किसी भी स्थिति में अनुभव प्रमाण पत्र अथवा मानदेय आदि नहीं दिया जा सकेगा..ऐसे सभी विद्यादायी को शिक्षण कार्य से  पृथक कराए और कार्यवाही का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें..”

डीएम किरण कौशल के आदेश की अंतिम दो पंक्तियाँ बेहद गंभीर है..आदेश कहता है..

“यह सुनिश्चित करें कि.. भविष्य में इस तरह का पत्र जारी करने के पूर्व अधोहस्ताक्षरी से चर्चा करें एवं अनुमोदन उपरांत ही पत्र जारी करें..

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